Professor Vartika Nanda: Tinka Tinka Jail: ज से जेल: वर्तिका नन्दा का उपन्यास
Tinka Tinka Jail: ज से जेल: वर्तिका नन्दा का उपन्यास
अगस्त, 1993. हरियाणा के शहर अंबाला से नई दिल्ली के लिए शताब्दी ट्रेन चल पड़ी है। स्टेशन धीरे-धीरे पीछे छूटता जा रहा है। चलती हुई ट्रेन की खिड़की से रेलवे का हमारा बड़ा सरकारी बंगला भी दिखा है। रेलवे का वह बंगला जहां हम अब तक रह रहे थे। अब यह बंगला यादों में रहेगा। जिंदगी बदलने जा रही है। जो पीछे छूटा, उसमें कहानी-लेखन भी छूटा। चलती ट्रेन में खुद को जैसे वादा किया था कि अगले दो दशक तक विशुद्ध तौर पर पत्रकारिता करनी है। उसके बाद लिखूंगी उपन्यास।
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26 May, 2026: ।।। ज से जेल।।।
ज से जेल, व से वर्तिका। मिलिए एक बदली हुई जेल से, एक नई वर्तिका नन्दा से पढ़िए एक नई दृष्टि से और ताज्जुब कीजिए कि क्या ऐसा भी हो सकता है? भारत में अब तकलिखे गए जेल साहित्य में एक अनूठी दस्तक आपका इंतजार कर रही है. यह उपन्यास आपको खुद अपने से मिलने का मौका देगा. तिनका तिनका की यह आवाज यकीनन दूर तक जाएगी.
उपन्यास के बारे मे | About the Novel
उपन्यास का नाम: ज से जेल
लेखिका: प्रोफेसर (डॉ.) वर्तिका नन्दा
पृष्ठ: 198
मूल्य: 400/ Amazon: 280/
प्रकाशक: प्रभात प्रकाशन
ISBN: 978-93-7573-880-0 (Paperback )

इस वादे को पूरा करने में 20 की बजाय 30 साल लग गए। उपन्यास लिखने का समय आया – अब।
क्या है ज से जेल | The background
यह उपन्यास जेल की अलग-अलग यात्राओं के अनुभवों से उपजा है। इसमें आप जिन पात्रों को मिलेंगे, वो जेल-यात्राओं के दौरान मेरे संपर्क में आईं अनगिनत महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की मिली-जुली छवियां हैं। 1993 से दिल्ली की तिहाड़ जेल, 2015 में गाजियाबाद (डासना), 2016 में आगरा, 2017 में मध्यप्रदेश, 2018 में लखनऊ, 2019 में बांदा और नैनी जेल, 2020 से हरियाणा की जेलें, विदेशों में मॉरीशस और नॉर्वे की जेलें। जब भी किसी जेल के दौरे से लौटी तो वहां की कुछ धूप-छांव मेरे साथ चली आई। कोरोना के दौरान जेलों की मेरी समझ कुछ और गहरी हुई। यह उपन्यास अनुभवों के उन्हीं टुकड़ों की कुछ बूंदें हैं जो इन कागजों ने सोखी हैं।
यह उपन्यास क्यों | Why this novel
मेरे अंदर बहुत कुछ भर गया था. उसे कहने के लिए अब जाकर माकूल समय आया। शोर मचाकर खुलने वाले बड़े-बड़े दरवाज़े, उन पर टंगे हुई बड़े और कड़े ताले, अंदर जाते ही सवाल भरी आँखें, देहरी पर हमेशा पसरा रहने वाला कोई नाराज़-सा शोर, बंद गलियारों में बेरंग पतंगों की तरह छिटके हुए लोग। जेलों के कुछ पेड़ों पर बंधे मन्नतों के धागे देखती रही थी। इतना कुछ समेटने के लिए एक उपन्यास ज़रूरी था!
अगर आप जेल को जानना चाहते हैं तो मेरा दावा है कि यह उपन्यास आपको एक नई दृष्टि देगा, आपके नजरिये को बदल देगा.
यह किताब क्यों पढ़ें | Why Read This Book
1993 में अंबाला से दिल्ली जाती ट्रेन में लेखिका ने खुद से वादा किया था कि पत्रकारिता के बाद उपन्यास लिखेंगी — वह वादा अब, तीन दशक बाद, इस किताब के रूप में पूरा हुआ है।
बंद फाटक, सवाल भरी आँखें, गलियारों में बिखरे हुए लोग, पेड़ों पर बंधी मन्नतों के धागे — सालों की यह कैद की हुई दुनिया अब एक उपन्यास का रूप ले चुकी है।
लेखिका का दावा है कि यह उपन्यास पढ़ने वालों की जेल को देखने की नज़र ही बदल देगा।
एक नज़र किताब पर |Testimonials
Aarti Singh
कैसे खरीदें | How to purchase links:
Ja Se Jail | Novel Book
Amazon https://www.amazon.in/dp/9375738809
Flipkart https://www.flipkart.com/ja-se-jail-novel-book/p/itmb4190ca64bcef?pid=9789375738800
PrabhatBooks https://www.prabhatbooks.com/ja-se-jail-novel-book.htm
कुछ अंश | Excerpts
“टेढ़े-मेढ़े मुरझाए चेहरे इस पलभर की खुशी में नहा रहे थे। पूरी बैरक की इस इकलौती बच्ची पर सभी औरतें अपना प्यार निछावर करती हुईं उसे नाम देती जा रहीं थी। सभी नाम ऐसे थे कि लगता था जैसे वो जेल में रहने वालो के लिए ही रचे गए हों। किसी ने कहा- रौशनी, किसी ने सपना, किसी ने सुख, किसी ने जान, किसी ने जोहरा, किसी ने मन्नत, किसी ने झरोखा, किसी ने उम्मीद, लेकिन मां ने कहा- तसल्ली की बेटी तन्हाई ।”
“धोखा पाई हुई ऐसी महिलाओं की जिंदगी और उनके घरों से हंसी जैसे हमेशा के लिए कहीं चली जाती है। उनके घरों में खिलखिलाहट फिर कभी दरवाजा नहीं खटखटाती। जिस पति ने साजिश के तहत इन औरतों की जिंदगी को खाली बिस्तर बना दिया, उसकी माफी उन्हें किसी जन्म में भी नहीं मिल सकती। किसी औरत से उसके औरत होने का हक छीन लेने से बड़ा पाप इस दुनिया में कोई नहीं।”
“पूरी जेल व्यस्त हो गई। राम-सीता बनने वालों की भीड़ और कुंभकरण, मारीच, कैकेयी, ताड़का और शूर्पनखा की भूमिका निभाने के लिए कोई नहीं। 150 पुरुष बंदियों ने राम, 90 ने हनुमान, 55 ने लक्ष्मण और 6 बंदियों ने रावण बनने के लिए आवेदन दिया। एक महिला बंदिनी ने भी रावण के रोल के लिए अपना नाम लिखवा दिया और एक पुरुष ने सीता बनने में गहरी दिलचस्पी दिखाई।”
“जेल में पूरा मरना मना है। आधे-आधे, घुटघुट कर जीने की कोई मनाही नहीं। बंदी न पूरा जीये, न पूरा मरे। कोई आत्महत्या न करे। बंदियों की गिनती पूरी हो। कोई बवाल न हो। किस्सा खत्म।”
अंशों के पोस्टर। Posters with Excerpts




लेखिका के साथ पोस्टर | Posters with the Author





Photo courtesy: Anurag Darshan, Praveen Tiwari, Programme Executive, DG, DD, Khushi Yadav, Production Assistant,Doordarshan












कुछ अलग पोस्टर | Generic Posters












YouTube:
https://youtu.be/4G3VNtqc_Oo?si=ukWOwBv8aoDHH7Eb
ज से जेल ।वर्तिका नन्दा । उपन्यास। प्रभात प्रकाशन। Jail । तिनका तिनका जेल - YouTube
30 May,2026
जेलों से समीक्षाएँ | Book Reviews from Jails
Special Central Jail, Dausa, Rajasthan: Gratitude: Shri Paras Mal Jangid, Superintendent


लेखिका के बारे में | About the Author
परिचय: प्रोफेसर (डॉ.) वर्तिका नन्दा भारत की स्थापित जेल सुधारक, मीडिया शिक्षक और लेखिका हैं। वे अपराध और जेल पर नए प्रयोगों के लिए जानी जाती हैं। उनकी स्थापित तिनका तिनका फाउंडेशन ने देश की जेलों पर इकलौते पॉडकास्ट-तिनका तिनका जेल रेडियो की शुरुआत की। जिला जेल, आगरा (उत्तर प्रदेश) जिला जेल, देहरादून (उत्तराखंड ) और हरियाणा की जेलों में रेडियो लाने का श्रेय उन्हीं को जाता है। उन्होंने भारत की जेलों में तिनका जेल पत्रकारिता की नींव रखी है। तिनका तिनका बंदियों को सकारात्मक पत्रकारिता के गुर सिखाता है। 2014 में भारत के राष्ट्रपति से स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित। यह सम्मान उन्हें मीडिया औऱ साहित्य में उनके योगदान के लिए दिया गया। 2018 में सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने जेलों पर उनकी सलाहें शामिल कीं। जेलों का उनका काम दो बार लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में शामिल हुआ। 2024 में राजकुमार केसवानी पुरस्कार और 2007 में भारत सरकार से भारतेंदु हरिश्चंद्र पुरस्कार से सम्मानित.
जेलों पर किताबें: जेलों पर लिखी उनकी चार किताबें- तिनका तिनका तिहाड़ (2013 और 2023), तिनका तिनका डासना (2016 और 2020) और तिनका तिनका मध्य प्रदेश (2018)- जेल-जीवन पर प्रामाणिक दस्तावेज मानी जाती हैं। रेडियो इन प्रिजन (2024) का प्रकाशन नेशनल बुक ट्रस्ट ने किया है।
पॉडकास्ट: वर्तिका नन्दा दिल्ली पुलिस की आवाज हैं। दिल्ली पुलिस के पॉडकास्ट -किस्सा खाकी का- की आधिकारिक किस्सागो। उनका तिनका तिनका जेल रेडियो देश की जेलों पर इकलौता पॉडकास्ट है।
वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज के पत्रकारिता विभाग की प्रमुख।
Wikipedia- https://en.wikipedia.org/wiki/Vartika_Nanda
तिनका तिनका के बारे मे | About Tinka Tinka Foundation
Tinka Tinka Foundation is a prison reform organisation founded by Professor (Dr.) Vartika Nanda. It introduced India's only jail radio podcast — Tinka Tinka Jail Radio — and has brought radio to jails in Haryana, Uttar Pradesh, and Uttarakhand. The Foundation trains inmates in positive journalism and uses communication and creativity as tools for reform. Its work has been recognised twice in the Limca Book of Records and was acknowledged by the Supreme Court of India in 2018.
जेल पर पुस्तकें | Books on Jails
ज से जेल एक लंबी साहित्यिक यात्रा की अगली कड़ी है। इससे पहले की चारों पुस्तकें जेल-साहित्य में मील का पत्थर मानी जाती हैं।
1) रेडियो इन प्रिज़न| Radio in Prison (2024)

पुस्तक का नाम:Radio in Prison (2024)
लेखिका: वर्तिका नन्दा
प्रकाशक: National Book Trust, India (Government of India)
विमोचन तिथि: 3 February,2025
प्रकाशन तिथि: 2024
पृष्ठ: 188
भारत में जेल रेडियो के जन्म, विकास और प्रभाव पर पहली और एकमात्र पुस्तक।
National Book Trust — https://www.nbtindia.gov.in
TinkaTinka Books — https://tinkatinka.org/books/
YouTube: Radio in Prison,NBT
https://youtu.be/wPA781H_hHc?si=MQuv562iis_ofyeB
2025:February 13: Radio in Prison। Book Launch। 1st book in India on जेल रेडियो। Vartika Nanda। National Book Trust
Website Link/ Know more about the book : https://tinkatinka.org/radio-in-prison/
2) तिनका तिनका मध्य प्रदेश | Tinka Tinka Madhya Pradesh (2018)

पुस्तक का नाम:तिनका तिनका मध्य प्रदेश | Tinka Tinka Madhya Pradesh
लेखिका: वर्तिका नन्दा
प्रकाशक: तिनका तिनका फाउंडेशन
विमोचन: 2018
प्रकाशन: 2018
पृष्ठ:198
मध्य प्रदेश की जेलों के 19 लोगों की रचनात्मक अभिव्यक्ति — 12 पुरुष, 2 महिलाएं, 4 बच्चे और एक प्रहरी। जेलों पर भारत की पहली कॉफी टेबल बुक।
Amazon- https://www.amazon.in/Tinka-madhya-pradesh-Vartika-Nanda/dp/9353210151
YouTube:
• Children in Prisons — Tinka Tinka MP Promo: https://youtu.be/p89OO6NWsHQ?si=RZUA_QZT9YTsQLDe
2018: November 14: Tinka Tinka Madhya Pradesh| Children in Prison | Tinka Tinka Foundation | Vartika Nanda
Website Link/ Know more about the book : https://tinkatinka.org/tinka-tinka-madhya-pradesh/
3) तिनका तिनका डासना | Tinka Tinka Dasna (2016 / 2020)

पुस्तक का नाम: तिनका तिनका डासना| Tinka Tinka Dasna
लेखिका: वर्तिका नन्दा
प्रकाशक: तिनका तिनका फाउंडेशन
विमोचन तिथि: 8 January, 2017
प्रकाशन तिथि: 2016
पृष्ठ: 194
डासना जेल (गाज़ियाबाद) के पाँच आजीवन कारावासxxxxx kaat rahe बंदियों hj aadharit hai। अंग्रेज़ी अनुवाद डॉ. नूपुर तलवार द्वारा जेल से किया गया।
Amazon (Hindi)
https://www.amazon.in/Tinka-Dasna-Hindi-Vartika-Nanda/dp/9352657292
Goodreads(English) — https://www.goodreads.com/book/show/34003913-tinka-tinka-dasna
YouTube:
• तिनका तिनका डासना — जेल में ज़िंदगी: https://www.youtube.com/watch?v=qGLG2dkCLcY
2016: September 17: Tinka Tinka Dasna | Book on Jail | जेल में जिंदगी | तिनका तिनका डासना| Vartika Nanda | वर्तिका नन्दा
• Dasna: Vartika Nanda & Naila Grewal — Poem by Nupur Talwar: https://www.youtube.com/watch?v=iU6Uy.6ew6oc
2017: September 17: Tinka Tinka Dasna | Vartika Nanda & Naila Grewal | Performance | Poem by Nupur Talwar
Website Link/ Know more about the book : https://tinkatinka.org/tinka-tinka-dasna/
4) तिनका तिनका तिहाड़ | Tinka Tinka Tihar (2013)

पुस्तक का नाम: तिनका तिनका तिहाड़ | Tinka Tinka Tihar
लेखिका: वर्तिका नन्दा और विमला मेहरा (IPS, DG, दिल्ली जेल)
प्रकाशक: राजकमल प्रकाशन
विमोचिन तिथि : 24 सितंबर, 2013
प्रकाशन तिथि: 2013
पृष्ठ: 148
तिहाड़ जेल की महिला बंदियों की कविताएं — लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल। 6 भाषाओं में अनूदित।
Amazon (Hindi) — https://www.amazon.in/Tinka-Tihar-Hindi-Vartika-Nanda/dp/9387789071
Amazon (English) — https://www.amazon.in/Tinka-Tihar-English-Vartika-Nanda/dp/9387789098
Goodreads — https://www.goodreads.com/book/show/34003913
YouTube:
2024: September 24: Tinka Tinka Tihar।जेल। 2013। Vartika Nanda & Vimla Mehra। Tinka Tinka Foundation
2015: August 16: The title of the video is: Tinka Tinka Tihar Special with Vartika Nanda | HUM LOG | Tihar Jail | Vartika Nanda
https://www.youtube.com/watch?v=SZHlOMUnYrs
2025: May 6 :The complete title of the video is: Tinka Tinka Tihar । तिनका तिनका तिहाड़ । Tihar Jail | Tinka Tinka Foundation। Song by Vartika Nanda
Website Link/ Know more about the book : https://tinkatinka.org/tinka-tinka-tihar/
Speaking Tree - https://youtu.be/Ffo7doZamjU?si=MMNLq_Ev5YDMHytm