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Dec 30, 2025

शंकर संस्कृति प्रतिष्ठान- डॉ0 शंकर दयाल सिंह स्मृति समारोह :27 दिसम्बर, 2025

 छोटा करके देखिए जीवन का विस्तार

आंखों भर आकाश है, बांहों भर संसार 

निदा फाजली की लिखी यह पंक्तियां उस शख्स पर सटीक बैठती हैं जिनके स्मपण में आज यह भव्य आयोजन किया जा रहा है. IIC के इस सभागार में शंकर संस्कृित प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित डॉ. शंकर दयाल सिंह स्मृति समारोह में मैं वर्तिका नन्दा आपका अभिनंदन करती हूं. 


सांसद एवं हिन्दी सेवी डा0 शंकर दयाल सिंह जी साहित्य तथा राजनीति के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी थे। 1971 ( इकहत्तर) में वे 34 वर्ष की आयु में पहली बार लोकसभा में चुनकर आए और फिर 1989 से जीवनपर्यन्त राज्यसभा के सदस्य रहे। शंकर दयाल सिंह जी को उनकी लिखी चार दर्जन से अधिक पुस्तकों के लिए तो याद किया जाता ही है, गांधी और हिन्दी के प्रति उनकी निष्ठा के लिए भी उन्हें याद किया जाता है। संसदीय राजभाषा समिति के उपाध्यक्ष के तौर पर उनकी सेवाओं को भुला पाना कठिन है। 


शंकर संस्कृति प्रतिष्ठान-  डॉ0 शंकर दयाल सिंह स्मृति समारोह

27 दिसम्बर 2025 कार्यक्रम

1630            दीप प्रज्ज्वलन एवं स्व0 शंकर दयाल सिंह के चित्र पर माल्यार्पण

(रश्मि के साथ समन्वय करते हुए सभी प्रमुख आमंत्रितों को मंच पर बुलाएं)

1635            सरस्वती वंदना

(रश्मि से पूछकर कलाकार का नाम बताएं)

1640            स्वागत – रचिता रम्या, स्व0 शंकर दयाल सिंह की पौत्री एवं साहित्यकार

(आप कह सकती हैं कि रचिता इस परिवार की चौथी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती है, जो साहित्य साधना में लगी हैं)

1645            प्रारंभिक उद्बोधन – श्री रामबहादुर राय, अध्यक्ष, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र

ऱाष्ट्रीय स्मारकों का संरक्षण और देश का विकास विषय पर प्रस्तुति

1700            विषय प्रवेश – रंजन कुमार सिंह, पत्रकार एवं लेखक (अभी तय नहीं)

1710            प्रस्तुतकर्ता – श्री रतीश नन्दा, निदेशक, आगा खान कला न्यास








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