Delivered a lecture on Case Studies in Correctional Administration: International Best Practices and Reformative Models at the National Forensic Sciences University, Ministry of Home Affairs, Government of India. The session formed part of a two‑week training programme on Correctional Administration designed for prison officers from Mauritius.
Jul 30, 2026
Jul 29, 2026
Our alumna at the Orientation Day: LSR: Batch of 2029/30
8 years ago, in 2018, Rushil bid farewell to the Department of Journalism at LSR. Today, in 2026, she returned as a proud and successful alumna.
Sharing a picture from the same spot—one clicked during her farewell, and another today, on the orientation day of the Batch of 2029.
Jul 28, 2026
28 July, 2026: Samachar 4 Media at IIC
It was an honour to be a speaker at Media Samvad 40-40, organised by Samachar4media. Vartika Nanda spoke about the evolving media landscape and shared an insight from J Se Jail, her latest novel, released on 21sth July, 2026
Jul 21, 2026
J se Jail at IGNCA, New Delhi: 21 July, 2026
ज से जेल: संवेत सभागार, IGNCA, जनपथ: 21 जुलाई, 2026
एक नई किताब, जेल की दुनिया को देखने का एक नया नज़रिया।
प्रो. वर्तिका नंदा के पहले उपन्यास ‘ज से जेल’ के लोकार्पण का हिस्सा बनिए। इस अवसर पर तिनका तिनका की जेल यात्रा पर आधारित एक विशेष फिल्म भी दिखाई जाएगी।
Jul 12, 2026
DD Bharti: J se Jail and other books on jails: 26 July, 2026
Date of Recording: 11 July, 2026
Date of Telecast: 26 July, 2026
Episode 68
दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम - साहित्य संवाद- के लिए कल एक दिलचस्प वार्ता रिकार्ड हुई. इस साहित्यिक कार्क्रम के प्रोड्यूसर हैं श्री संजय कुमार, एंकर रजनी. संवाद के केंद्र में रहे- प्रभात प्रकाशन Prabhat Prakashan से हाल ही में प्रकाशित मेरा उपन्यास- ज से जेल और नेशनल बुक ट्रस्ट National Book Trust, India से प्रकाशित- Radio in Prison. तिनका तिनका जेल के बाकी काम में चर्चा में रहे.
यह वार्ता 26 जुलाई को डीडी भारती पर प्रसारित होगी. बाकी तस्वीरें कल शेयर की जाएंगी.
Jul 9, 2026
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है। गुरुदत्त। साहिर। प्यासा। Film। अध्यात्म। Podcast। वर्तिका नन्दा
जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला
हमने तो जब कलियाँ माँगी काँटों का हार मिला
1957 में आई थी फिल्म- प्यासा। निर्देशक, प्रोडूयूसर और अभिनेता थे- गुरुदत्त। इस नज्म को लिखा था- मशहूर शायर साहिर लुधियानवी (Sahir Ludhianvi) ने. संगीतकार थे- एस.डी. बर्मन और आवाज़ थी हेमंत कुमार की। यह कहा जाता है कि प्यासा गुरुदत्त की अपनी कहानी थी. गुरुदत्त की जन्मतिथि पर पेश है यह विशेष प्रस्तुति.
Poster: Jagtar Singh Audio Edit: Dr. Suchit Narang
Jul 7, 2026
तिनका जेल पाठशाला: 8जुलाई, 2026
एक धुंध से आना है, एक धुंध में जाना है: Sahir Laudhianvi: Vartika Nanda
संसार की इस शाह का बस एक ही फसाना है एक धुंध से आना है, एक धुंध में जाना है।
बी. आर. चोपड़ा की फिल्म 'धुंध' 1973 में आई थी।
साहिर साहब ने जब इस गाने को लिखा होगा, उस समय
उनके अपने दिल की टीस, दर्द और कसक किसी गहराई तक रही होगी। दुनिया में पाठक होते हैं, दर्शक हो, श्रोता और राहगीर भी और कुछ ऐसे होते हैं जो दर्द के बीच में जीते हुए रोज़ किसी धागे से किसी चीज़ को बुनते हैं, उधेड़ते हैं और फिर बुनने लग जाते हैं। उदास दिल का साहिर, एक उदास अमृता, एक उदास इमरोज और ऐसे ही बहुत से और उदास शायर, गीतकार, फनकार इन सब ने अपनी उदासियों के बीच में कुछ ऐसा गढ़ा कि फिर वो कभी मिट ना पाया। साहिर का ये गाना उसी की एक मिसाल है।
Poster: Jagtar Singh Audio Edit: Dr. Suchit Narang
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