May 31, 2026

हिन्दी पत्रकारिता द्विशताब्दी राष्ट्रीय महोत्सव: IGNCA: 31 May, 2026

दिल्ली में 30-31 मई को सप्रे संग्रहालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र का आयोजन

31 मई: हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर 30-31 मई को दिल्ली में राष्ट्रीय द्विशताब्दी महोत्सव का आयोजन किया गया. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, नई दिल्ली एवं माधवराव सप्रे स्मृति समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान, भोपाल के संयुक्त आयोजन में आज हिन्दी पत्रकारिता के 200 साल : पुनरावलोकन- पर एक विमर्श हुआ. मंच पर मुझे प्रो. गिरीश्वर मिश्र प्रो. कृपाशंकर चौबे, डॉ. धनंजय चौपड़ा, प्रो. हरबंश दीक्षित और प्रो. उषारानी राव के सान्निध्य में अपनी बात रखने का मौका मिला. मेरा विषय था- दृश्य श्रव्य माध्यम की हिन्दी पत्रकारिता. मैं Vijay Dutt Shridhar जी, राम बहादुर राय जी Sachchidanand Joshiजी की हार्दिक आभारी हूं आज तिनका तिनका फाउंडेशन का स्थापना दिवस भी है.











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30 मई: स्मारक डाक टिकट एवं प्रथम दिवस आवरण का लोकार्पण स्मारक ग्रंथ का विमोचन और दो दिवसीय विमर्श 

ऐतिहासिक पत्रों एवं कलम के पुरखों की चित्र प्रदर्शनी




भोपाल, 28 मई हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर 30-31 मई को दिल्ली में राष्ट्रीय द्विशताब्दी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, नई दिल्ली एवं माधवराव सप्रे स्मृति समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान, भोपाल के संयुक्त आयोजन में 'स्मारक डाक टिकट एवं प्रथम दिवस आवरण का लोकार्पण होगा। 'हिन्दी पत्रकारिताः 200 साल की महागाथा स्मारक ग्रंथ का विमोचन किया जाएगा। हिन्दी पत्रकारिता की दो शताब्दी की गौरवशाली यात्रा के अग्रगण्य समाचारपत्रों और पत्रिकाओं तथा युग निर्माता संपादकों के चित्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। यह प्रदर्शनी अचल और सचल स्वरूप में रहेगी, जो बाद में सप्रे संग्रहालय का स्थायी अंग बनेगी।


हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी राष्ट्रीय महोत्सव के मुख्य अतिथि भारत के संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया स्मारक डाक टिकट तथा प्रथम दिवस आवरण का लोकार्पण करेंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव स्मारक ग्रंथ का विमोचन करेंगे। स्मारक ग्रंथ का सम्पादन श्री विजयदत्त श्रीधर एवं डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने किया है। डॉ. श्रीकांत सिंह की पुस्तक 'हिन्दी पत्रकारिता के हिन्दीतर उन्नायक' का भी विमोचन होगा। महोत्सव के अध्यक्ष मूर्धन्य संपादक श्री रामबहादुर राय हिंदी पत्रकारिता के भूत-वर्तमान-भविष्य की व्याख्या अपने बीज वक्तव्य में करेंगे। शुभारंभ राष्ट्रीय कला केन्द्र के जनपथ बिल्डिंग स्थित सभागार में 30 मई को अपरान्ह 4.00 बजे होगा।


31 मई को विमर्श के दो सत्र रखे गये हैं। पहला सत्र सुबह 10.30 बजे आरम्भ होगा। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफे. गिरीश्वर मिश्र अध्यक्षता करेंगे। प्रो. कृपाशंकर चौबे- 'हिन्दीतर मनीषियों का योगदान, डॉ. धनंजय चोपड़ा 'हिन्दी पत्रकारिता और जन आन्दोलन', प्रो. वर्तिका नंदा- 'दृश्य-श्रव्य माध्यम की पत्रकारित्ता', प्रो. हरवंश दीक्षित 'हिन्दी पत्रकारिताः संवैधानिक अधिकार और सरकार और प्रो. उषारानी राव 'दक्षिण भारत में हिन्दी पत्रकारिता' विषय का प्रतिपादन करेंगे। दूसरा सत्र दोपहर 2.00 बजे आरम्भ होगा। इस सत्र की अध्यक्षता राज्यसभा के उपसभापति एवं सुधी संपादक रहे श्री हरिवंश करेंगे। इस सत्र में सम्पादक, चिंतक और लेखक श्री रामबहादुर राय 'आपातकालः सीख और सबक', सुश्री क्षमा शर्मा 'हिन्दी पत्रकारिता में महिला सहभागिता', श्री दिलीप मंडल 'सोशल मीडिया कितना सोशल', सुश्री खुशबू जैन- 'तकनीकी नवाचार' विषय का विश्लेषण प्रस्तुत करेंगे। प्रथम सत्र में प्रो. वर्तिका नंदा की पुस्तक 'ज से जेल' तथा दूसरे सत्र में प्रो. प्रमोद कुमार की पुस्तक 'पारखी दृष्टि में समग्र भारतीय पत्रकारिता' का विमोचन होगा।


महोत्सव में दिल्ली स्थित पत्रकारिता एवं जनसंचार विषयक संस्थानों के प्राध्यापक, शोध छात्र एवं विद्यार्थी तथा हिन्दी पत्रकारिता में रुचि रखने वाले सुधी पत्रकार, साहित्यकार, शिक्षाविद एवं सामाजिक सरोकारों से प्रतिबद्ध कार्यकर्ता सहभागिता करेंगे।

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संगोष्ठी:  पल – प्रतिपल कार्यक्रम: 31 मई, 2026

प्रथम सत्र (पूर्वाह्न 10.30 से 1.00 बजे तक)

केंद्रीय विषय : हिन्दी पत्रकारिता के 200 साल : पुनरावलोकन

        संचालक की ओर से प्रारम्भिक वक्तव्य- 5 मिनट

                  वक्ता- प्रो. कृपाशंकर चौबे (हिन्दीतर मनीषियों का योगदान) – 15 मिनट

              डॉ. धनंजय चौपड़ा (हिन्दी पत्रकारिता और जन आंदोलन)- 15 मिनट

              प्रो. वर्तिका नंदा (दृश्य श्रव्य माध्यम की हिन्दी पत्रकारिता) – 15 मिनट

              प्रो. हरबंश दीक्षित (हिन्दी पत्रकारिता : संवैधानिक अधिकार और सरकार)- 15 मिनट

              प्रो. उषारानी राव (दक्षिण भारत में हिन्दी पत्रकारिता) – 15 मिनट

                            

       अध्यक्ष - प्रो. गिरीश्वर मिश्र, पूर्व कुलपति, म.गां.अं.हि.विश्वविद्यालय, वर्धा  



May 29, 2026

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष - पत्रकारिता के सरोकार:सरोकारों की पत्रकारिता: आयोजक - इग्नू, क्षेत्रीय केंद्र - जबलपुर: 29 May, 2026

 

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष -पत्रकारिता के सरोकार:सरोकारों की पत्रकारिता: इस विषय पर इग्नू, क्षेत्रीय केंद्र - जबलपुर ने आज एक सार्थक विमर्श का आयोजन किया. इसका हिस्सा बनना सुखद रहा.

IGNOU तक यह बात भी पहुंचा पाई कि जल्द ही विमोचित होने वाले मेरे पहले उपन्यास- ज से जेल- में इग्नू  IGNOU की महत्वपूर्ण चर्चा है.  अपने संवाद में मैं  यह भी बता पाई कि मध्यप्रदेश की जेलों की छवि उपन्यास में शामिल है.

मैं  Amresh Dwivedi और  Pramod Joshi  जी का व्याख्यान ही सुन पाई पर भरपूर लाभांवित हुई. इस सफल आयोजन के लिए  डॉ. विवेक श्रीवास्तव जी बधाई के पात्र हैं. 

स्वागत                                                                                                                                 

 11:15  - प्रो.(डॉ.) रमेश यादव  :               

हिन्दी पत्रकारिता : शुरुआत और सरोकार 


11:45 - प्रो.(डॉ.) अमरेश द्विवेदी :             

दुनिया जहान से हिन्दी संवाद 


12:15 - प्रो.(डॉ.) वर्तिका नंदा :                 

हिन्दी पत्रकारिता में आधी आबादी की जगह  


12:45 - श्री प्रमोद जोशी :   

संचार की सहजता और नैतिकता के प्रश्न  

 

 01:15 - श्री राजीव कुमार शुक्ल :              पत्रकारिता का पक्ष : जनपक्ष  

 

 01:45 - डॉ. अमित कुमार :                      डिजिटल दुनिया की हिन्दी 


 02:15 - श्री पंकज स्वामी  :                       स्थानीयता और विश्वसनीयता के प्रश्न   

 

 02:30 - डॉ. सोमासी श्रीनिवास :                अध्यक्षीय वक्तव्य                                   

 

 डॉ. विवेक श्रीवास्तव :                               संचालन








May 28, 2026

Awakening India: Swami Vivekanand: DD National: 2013/ 2026

 करीब साढ़े तेरह साल पहले दूरदर्शन के एक कार्यक्रम- AWAKENING INDIA का हिस्सा बनने का मौका मिला था (Episode 63) . यह मौका परसों दोबारा मिला.  Program Executive Anuraag Darshan Anchor Praveen Tiwari और कार्यक्रम के केंद्र में स्वामी विवेकानंद.

आपसे नई औप पुरानी-दोनों तस्वीरें साझा कर रही हूं  रिकॉर्डिंग के दौरान और बाद में भी कई विशेष बातें हुईं. मैं यह बता सकी कि तिनका तिनका फाउंडेशन 31 मई को स्थापित हुआ था, वही दिन जब स्वामी जी 1893  में भारत से शिकागो गए थे. उनके ऐतिहासिक उद्बोधन ने भारत की दशा-दिशा बदली.

रिकार्डिंग के बाद मेरे नए उपन्यास- ज से जेल- की कुछ बातें भी हूईं. अनुराग जी और प्रवीण जी के आध्यात्मिक पक्ष से सुंदर साक्षात्कार हुआ.

कुल मिलाकर यह लगा ही नहीं कि इस कार्यक्रम में 13 साल बाद आना हुआ. अनुराग जी ने बहुत शिद्दत से इस कार्यक्रम को सहेजा है. मेरा यह विचार पुख्ता हुआ कि दूरदर्शन और आकाशवाणी की नींव बने प्रस्तोताओं को कभी वह जगह और सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे या हैं. हम यहां चूके हैं. दूरदर्शन और आकाशवाणी  भारत की ब्रॉडकास्टिंग के स्तंभ हैं.

Gratitude:

Anurag Darshan, Program Executive 

Praveen Tiwari, Anchor

Khushi Yadav, Production Assistant








Archives: 28 January, 2013




Link: Awakening India - EP # 63 - YouTube

May 25, 2026

Tinka Tinka Jail: ज से जेल: वर्तिका नन्दा का उपन्यास: 2026

Professor Vartika Nanda: Tinka Tinka Jail: ज से जेल: वर्तिका नन्दा का उपन्यास 


Tinka Tinka Jail: ज से जेल: वर्तिका नन्दा का उपन्यास


अगस्त, 1993. हरियाणा के शहर अंबाला से नई दिल्ली के लिए शताब्दी ट्रेन चल पड़ी है। स्टेशन धीरे-धीरे पीछे छूटता जा रहा है। चलती हुई ट्रेन की खिड़की से रेलवे का हमारा बड़ा सरकारी बंगला भी दिखा है। रेलवे का वह बंगला जहां हम अब तक रह रहे थे। अब यह बंगला यादों में रहेगा। जिंदगी बदलने जा रही है। जो पीछे छूटा, उसमें कहानी-लेखन भी छूटा। चलती ट्रेन में खुद को जैसे वादा किया था कि अगले दो दशक तक विशुद्ध तौर पर पत्रकारिता करनी है। उसके बाद लिखूंगी उपन्यास।







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26 May, 2026: ।।। ज से जेल।।।

ज से जेल, व से वर्तिका। मिलिए एक बदली हुई जेल से, एक नई वर्तिका नन्दा से पढ़िए एक नई दृष्टि से और ताज्जुब कीजिए कि क्या ऐसा भी हो सकता है?  भारत में अब तकलिखे गए जेल साहित्य में एक अनूठी दस्तक आपका इंतजार कर रही है. यह उपन्यास आपको खुद अपने से मिलने का मौका देगा. तिनका तिनका की यह आवाज यकीनन दूर तक जाएगी.


उपन्यास के बारे मे | About the Novel 

उपन्यास का नाम: ज से जेल 

लेखिका: प्रोफेसर (डॉ.) वर्तिका नन्दा 

पृष्‍ठ: 198

मूल्‍य: 400/ Amazon: 280/

प्रकाशक:  प्रभात प्रकाशन

ISBN:  978-93-7573-880-0 (Paperback )



इस वादे को पूरा करने में 20 की बजाय 30 साल लग गए। उपन्यास लिखने का समय आया – अब। 


क्या है ज से जेल | The background

यह उपन्यास जेल की अलग-अलग यात्राओं के अनुभवों से उपजा है। इसमें आप जिन पात्रों को मिलेंगे, वो जेल-यात्राओं के दौरान मेरे संपर्क में आईं अनगिनत महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की मिली-जुली छवियां हैं। 1993 से दिल्ली की तिहाड़ जेल, 2015 में गाजियाबाद (डासना), 2016 में आगरा, 2017 में मध्यप्रदेश, 2018 में लखनऊ, 2019 में बांदा और नैनी जेल, 2020 से हरियाणा की जेलें, विदेशों में मॉरीशस और नॉर्वे की जेलें। जब भी किसी जेल के दौरे से लौटी तो वहां की कुछ धूप-छांव मेरे साथ चली आई। कोरोना के दौरान जेलों की मेरी समझ कुछ और गहरी हुई। यह उपन्यास अनुभवों के उन्हीं टुकड़ों की कुछ बूंदें हैं जो इन कागजों ने सोखी हैं।


यह उपन्यास क्यों | Why this novel

मेरे अंदर बहुत कुछ भर गया था. उसे कहने के लिए अब जाकर माकूल समय आया। शोर मचाकर खुलने वाले बड़े-बड़े दरवाज़े, उन पर टंगे हुई बड़े और कड़े ताले, अंदर जाते ही सवाल भरी आँखें, देहरी पर हमेशा पसरा रहने वाला कोई नाराज़-सा शोर, बंद गलियारों में बेरंग पतंगों की तरह छिटके हुए लोग। जेलों के कुछ पेड़ों पर बंधे मन्नतों के धागे देखती रही थी। इतना कुछ समेटने के लिए एक उपन्यास ज़रूरी था! 

अगर आप जेल को जानना चाहते हैं तो मेरा दावा है कि यह उपन्यास आपको एक नई दृष्टि देगा, आपके नजरिये को बदल देगा.

यह किताब क्यों पढ़ें | Why Read This Book

  • वर्तिका नंदा का पहला उपन्यास — एक वादा जो 30 साल बाद पूरा हुआ।

1993 में अंबाला से दिल्ली जाती ट्रेन में लेखिका ने खुद से वादा किया था कि पत्रकारिता के बाद उपन्यास लिखेंगी — वह वादा अब, तीन दशक बाद, इस किताब के रूप में पूरा हुआ है।

  • जेलों में बरसों जो देखा, जो महसूस किया — सब इस एक किताब में।

बंद फाटक, सवाल भरी आँखें, गलियारों में बिखरे हुए लोग, पेड़ों पर बंधी मन्नतों के धागे — सालों की यह कैद की हुई दुनिया अब एक उपन्यास का रूप ले चुकी है।

  • जेल को नए सिरे से समझने का दावा करती एक किताब।

लेखिका का दावा है कि यह उपन्यास पढ़ने वालों की जेल को देखने की नज़र ही बदल देगा।


एक नज़र किताब पर |Testimonials

Aarti Singh 

कैसे खरीदें | How to purchase links:

Ja Se Jail | Novel Book

Amazon https://www.amazon.in/dp/9375738809

Flipkart https://www.flipkart.com/ja-se-jail-novel-book/p/itmb4190ca64bcef?pid=9789375738800

PrabhatBooks https://www.prabhatbooks.com/ja-se-jail-novel-book.htm


कुछ अंश | Excerpts

  1.   “टेढ़े-मेढ़े मुरझाए चेहरे इस पलभर की खुशी में नहा रहे थे। पूरी बैरक की इस इकलौती बच्ची पर सभी औरतें अपना प्यार निछावर करती हुईं उसे नाम देती जा रहीं थी। सभी नाम ऐसे थे कि लगता था जैसे वो जेल में रहने वालो के लिए ही रचे गए हों। किसी ने कहा-  रौशनी, किसी ने सपना, किसी ने सुख, किसी ने जान, किसी ने जोहरा, किसी ने मन्नत, किसी ने झरोखा, किसी ने उम्मीद, लेकिन मां ने कहा- तसल्ली की बेटी तन्हाई ।” 

  2. “धोखा पाई हुई ऐसी महिलाओं की जिंदगी और उनके घरों से हंसी जैसे हमेशा के लिए कहीं चली जाती है। उनके घरों में खिलखिलाहट फिर कभी दरवाजा नहीं खटखटाती। जिस पति ने साजिश के तहत इन औरतों की जिंदगी को खाली बिस्तर बना दिया, उसकी माफी उन्हें किसी जन्म में भी नहीं मिल सकती। किसी औरत से उसके औरत होने का हक छीन लेने से बड़ा पाप इस दुनिया में कोई नहीं।”

  3. “पूरी जेल व्यस्त हो गई। राम-सीता बनने वालों की भीड़ और कुंभकरण, मारीच, कैकेयी, ताड़का और शूर्पनखा की भूमिका निभाने के लिए कोई नहीं। 150 पुरुष बंदियों ने राम, 90 ने हनुमान, 55 ने लक्ष्मण और 6 बंदियों ने रावण बनने के लिए आवेदन दिया। एक महिला बंदिनी ने भी रावण के रोल के लिए अपना नाम लिखवा दिया और एक पुरुष ने सीता बनने में गहरी दिलचस्पी दिखाई।”

  4. “जेल में पूरा मरना मना है। आधे-आधे, घुटघुट कर जीने की कोई मनाही नहीं। बंदी न पूरा जीये, न पूरा मरे। कोई आत्महत्या न करे। बंदियों की गिनती पूरी हो। कोई बवाल न हो। किस्सा खत्म।”

अंशों के पोस्टर। Posters with Excerpts




लेखिका के साथ पोस्टर | Posters with the Author


 





Photo courtesy: Anurag Darshan, Praveen Tiwari, Programme Executive, DG, DD, Khushi Yadav, Production Assistant,Doordarshan













 

कुछ अलग पोस्टर | Generic Posters












YouTube

https://youtu.be/4G3VNtqc_Oo?si=ukWOwBv8aoDHH7Eb

ज से जेल ।वर्तिका नन्दा । उपन्यास। प्रभात प्रकाशन। Jail । तिनका तिनका जेल - YouTube


30 May,2026

जेलों से समीक्षाएँ | Book Reviews from Jails 

Special Central Jail, Dausa, Rajasthan: Gratitude: Shri Paras Mal Jangid, Superintendent



लेखिका के बारे में | About the Author


परिचय: प्रोफेसर (डॉ.) वर्तिका नन्दा भारत की स्थापित जेल सुधारक, मीडिया शिक्षक और लेखिका  हैं। वे अपराध और जेल पर नए प्रयोगों के लिए जानी जाती हैं। उनकी स्थापित तिनका तिनका फाउंडेशन ने देश की जेलों पर इकलौते पॉडकास्ट-तिनका तिनका जेल रेडियो की शुरुआत की। जिला जेल, आगरा (उत्तर प्रदेश) जिला जेल, देहरादून (उत्तराखंड ) और हरियाणा की जेलों में रेडियो लाने का श्रेय उन्हीं को जाता है। उन्होंने भारत की जेलों में तिनका जेल पत्रकारिता की नींव रखी है। तिनका तिनका बंदियों को सकारात्मक पत्रकारिता के गुर सिखाता है। 2014 में भारत के राष्ट्रपति से स्‍त्री शक्ति पुरस्‍कार से सम्मानित। यह सम्मान उन्हें मीडिया औऱ साहित्य में उनके योगदान के लिए दिया गया। 2018 में सुप्रीम कोर्ट  की एक बेंच ने जेलों पर उनकी सलाहें शामिल कीं। जेलों का उनका काम दो बार लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में शामिल हुआ। 2024 में राजकुमार केसवानी पुरस्कार और 2007 में भारत सरकार से भारतेंदु हरिश्चंद्र पुरस्कार से सम्मानित.

 जेलों पर किताबें:  जेलों पर लिखी उनकी चार किताबें- तिनका तिनका तिहाड़ (2013 और 2023), तिनका तिनका डासना (2016 और 2020) और तिनका तिनका मध्य प्रदेश (2018)- जेल-जीवन पर प्रामाणिक दस्तावेज मानी जाती हैं। रेडियो इन प्रिजन (2024) का प्रकाशन नेशनल बुक ट्रस्ट ने किया है।

पॉडकास्ट: वर्तिका नन्दा दिल्ली पुलिस की आवाज हैं। दिल्ली पुलिस के पॉडकास्ट -किस्सा खाकी का- की आधिकारिक किस्सागो। उनका तिनका तिनका जेल रेडियो देश की जेलों पर इकलौता पॉडकास्ट है।

वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज के पत्रकारिता विभाग की प्रमुख।


 Wikipedia- https://en.wikipedia.org/wiki/Vartika_Nanda


तिनका तिनका के बारे मे | About Tinka Tinka Foundation

Tinka Tinka Foundation is a prison reform organisation founded by Professor (Dr.) Vartika Nanda. It introduced India's only jail radio podcast — Tinka Tinka Jail Radio — and has brought radio to jails in Haryana, Uttar Pradesh, and Uttarakhand. The Foundation trains inmates in positive journalism and uses communication and creativity as tools for reform. Its work has been recognised twice in the Limca Book of Records and was acknowledged by the Supreme Court of India in 2018.

जेल पर पुस्तकें | Books on Jails 

  

ज से जेल एक लंबी साहित्यिक यात्रा की अगली कड़ी है। इससे पहले की चारों पुस्तकें जेल-साहित्य में मील का पत्थर मानी जाती हैं।


1)  रेडियो इन प्रिज़न| Radio in Prison (2024) 

पुस्तक का नाम:Radio in Prison (2024)

लेखिका: वर्तिका नन्दा

प्रकाशक: National Book Trust, India (Government of India)

विमोचन तिथि: 3 February,2025

प्रकाशन तिथि: 2024

पृष्ठ: 188


भारत में जेल रेडियो के जन्म, विकास और प्रभाव पर पहली और एकमात्र पुस्तक।


 National Book Trust — https://www.nbtindia.gov.in

 TinkaTinka Books — https://tinkatinka.org/books/

YouTube: Radio in Prison,NBT

https://youtu.be/wPA781H_hHc?si=MQuv562iis_ofyeB

2025:February 13: Radio in Prison। Book Launch। 1st book in India on जेल रेडियो। Vartika Nanda। National Book Trust

Website Link/ Know more about the book : https://tinkatinka.org/radio-in-prison/


2) तिनका तिनका मध्य प्रदेश | Tinka Tinka Madhya Pradesh (2018)



पुस्तक का नाम:तिनका तिनका मध्य प्रदेश | Tinka Tinka Madhya Pradesh

लेखिका: वर्तिका नन्दा

प्रकाशक: तिनका तिनका फाउंडेशन

विमोचन: 2018

प्रकाशन: 2018

पृष्ठ:198


मध्य प्रदेश की जेलों के 19 लोगों की रचनात्मक अभिव्यक्ति — 12 पुरुष, 2 महिलाएं, 4 बच्चे और एक प्रहरी। जेलों पर भारत की पहली कॉफी टेबल बुक।

Amazon-  https://www.amazon.in/Tinka-madhya-pradesh-Vartika-Nanda/dp/9353210151

YouTube:

Children in Prisons — Tinka Tinka MP Promo: https://youtu.be/p89OO6NWsHQ?si=RZUA_QZT9YTsQLDe

2018: November 14: Tinka Tinka Madhya Pradesh| Children in Prison | Tinka Tinka Foundation | Vartika Nanda 

Website Link/ Know more about the book : https://tinkatinka.org/tinka-tinka-madhya-pradesh/


3) तिनका तिनका डासना | Tinka Tinka Dasna (2016 / 2020)


पुस्तक का नाम: तिनका तिनका डासना| Tinka Tinka Dasna

लेखिका: वर्तिका नन्दा

प्रकाशक: तिनका तिनका फाउंडेशन

विमोचन तिथि: 8 January, 2017

प्रकाशन तिथि: 2016

पृष्ठ: 194

डासना जेल (गाज़ियाबाद) के पाँच आजीवन कारावासxxxxx kaat rahe बंदियों hj aadharit hai। अंग्रेज़ी अनुवाद डॉ. नूपुर तलवार द्वारा जेल से किया गया।


Amazon (Hindi)

https://www.amazon.in/Tinka-Dasna-Hindi-Vartika-Nanda/dp/9352657292

Goodreads(English) — https://www.goodreads.com/book/show/34003913-tinka-tinka-dasna

YouTube:

तिनका तिनका डासना — जेल में ज़िंदगी: https://www.youtube.com/watch?v=qGLG2dkCLcY

2016: September 17: Tinka Tinka Dasna | Book on Jail | जेल में जिंदगी | तिनका तिनका डासना| Vartika Nanda | वर्तिका नन्दा 

Dasna: Vartika Nanda & Naila Grewal — Poem by Nupur Talwar: https://www.youtube.com/watch?v=iU6Uy.6ew6oc

2017: September 17: Tinka Tinka Dasna | Vartika Nanda & Naila Grewal | Performance | Poem by Nupur Talwar

Website Link/ Know more about the book : https://tinkatinka.org/tinka-tinka-dasna/


4) तिनका तिनका तिहाड़ | Tinka Tinka Tihar (2013)



पुस्तक का नाम: तिनका तिनका तिहाड़ | Tinka Tinka Tihar

लेखिका: वर्तिका नन्दा और विमला मेहरा (IPS, DG, दिल्ली जेल)

प्रकाशक: राजकमल प्रकाशन

विमोचिन तिथि : 24 सितंबर, 2013

प्रकाशन तिथि: 2013

पृष्ठ: 148


तिहाड़ जेल की महिला बंदियों की कविताएं — लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल। 6 भाषाओं में अनूदित।


Amazon (Hindi) — https://www.amazon.in/Tinka-Tihar-Hindi-Vartika-Nanda/dp/9387789071

Amazon (English) — https://www.amazon.in/Tinka-Tihar-English-Vartika-Nanda/dp/9387789098

Goodreads — https://www.goodreads.com/book/show/34003913

YouTube:

2024: September 24: Tinka Tinka Tihar।जेल। 2013। Vartika Nanda & Vimla Mehra। Tinka Tinka Foundation

2015: August 16: The title of the video is: Tinka Tinka Tihar Special with Vartika Nanda | HUM LOG | Tihar Jail | Vartika Nanda

  •  Tinka Tinka Tihar — Song & Book:

https://www.youtube.com/watch?v=SZHlOMUnYrs

2025: May 6 :The complete title of the video is: Tinka Tinka Tihar । तिनका तिनका तिहाड़ । Tihar Jail | Tinka Tinka Foundation। Song by Vartika Nanda

Website Link/ Know more about the book : https://tinkatinka.org/tinka-tinka-tihar/

Speaking Tree - https://youtu.be/Ffo7doZamjU?si=MMNLq_Ev5YDMHytm