तिनका तिनका जेल रेडियो का विशेष अंक 47 वाँ देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समर्पित है।
सोनीपत जेल रेडियो का यह कमरा वास्तव में उमंग और उत्साह से भरा स्थान है।
नवरात्रि के समय माता की आरती हो या फिर किसी विशेष मौके पर जेल रेडियो के रूम में गूंजती आवाज ।
इसमें बंदियों की भागीदारी अपना विशेष महत्व रखती है।
लेकिन आज बात गांधी जयंती की
जेल के पास आवश्यक संसाधन भी अपने पूरे नहीं होते बावजूद इसके भी बंदियों ने जेल के सीमित संसाधनों के बीच जेल रेडियो के इसी कमरे से महात्मा गांधी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की ।
एक टीम ने मिलकर एक बहुत ही अच्छा और सुंदर संगीत के जरिए एक विशेष मिसाल पेश की ।
इस टीम के सभी बंदियों को मेरी शुभकामनाएं और आभार।
पहला नाम
मास्टर कुलमीत सिंह आपकी जेल में शिक्षा और जेल रेडियो में आपकी रेडियो जॉकी की भूमिका वास्तव में कमाल की । आपका जेल में एक लंबा अरसा हमे सोचने पर मजबूर करता है कि कोई इतने समय तक चारदीवारी में रहते हुए भी खुशी के साथ अपना जीवन जी सकता है ।
जेल में सृजनात्मकता के लिए आपके विशेष योगदान के लिए आपका हृदय से स्वागत और आपको बधाई ।
आज आप जहां भी हों खुश हों ऐसी मेरी कामना है।
दूसरा नाम ढोलक वादक संजय आपका इस संगीत में एक अनूठा और महत्वपूर्ण योगदान अविस्मरणीय है ।
आप ऐसे ही अपने इस कार्य के जरिए अपने जेल के समय को व्यतीत करोगे ऐसी मेरी कामना है ।
आज आप जहां भी हो मेरी संवेदनाएं आपके साथ ।
तीसरा नाम
मटका वादक नीरज।
आपने देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को जो श्रद्धांजलि अर्पित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई वह अद्वितीय है ।
मेरी इसी कामना और आभार है आपका की आप ऐसे ही अपने जेल के समय को जेल के सृजनात्मक कार्य में व्यतीत कर अपना जीवन व्यतीत करोगे ।
आज आप जहां भी हों मेरी संवेदनाएं आपके साथ । संगीतकार
चिंटू, मोनू और मास्टर कुलमीत सिंह
आप तीनों की इस संगीत को बेहद ही सुंदर तरीके से अपनी आवाज में पिरोकर एक नए रूप में देश के महान महापुरुष को श्रद्धांजलि अर्पित करना वो भी जेल की चारदीवारी में रहकर अपने आप में एक विशेष उपलब्धि है ।
आप तीनों को विशेष रूप से इस संगीत के लिए और जेल में आपके द्वारा किए गए अलग अलग कार्य के लिए भी आपका हृदय से स्वागत और शुभकामनाएं । आज आप जहां भी हो मेरी संवेदनाएं आपके साथ ।
सातवां नाम ।
किशोरी लाल
आपने जेल में सहयोगिता की जो मिशाल पेश की है वह सराहनीय तो है ही साथ ही एकता की पराकाष्ठा भी है ।
आपने अपनी जो भी ड्यूटी जेल स्टाफ के रूप में तो निभाई ही है साथ ही आपने बन्दियों को जो जेल रेडियो के लिए उत्साह प्रधान किया है वह भी आपका अद्वितीय कार्य है ।
आपकी इस सहयोग की भावना को मेरा नमन ।
आभार सोनीपत जेल के सुप्रिटेंडेंट श्री राजेंद्र सिंह का जिन्होंने जेल में तिनका तिनका फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे सृजनात्मक कार्यों को अपना पूरा सहयोग दिया ।
विशेष आभार डॉ. वर्तिका नंदा मैम का जिनके अथक प्रयासों से यह कार्य संभव हुआ ।
तिनका तिनका जेल रेडियो का विशेष अंक 47 वाँ देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समर्पित है।
सोनीपत जेल रेडियो का यह कमरा वास्तव में उमंग और उत्साह से भरा स्थान है।
नवरात्रि के समय माता की आरती हो या फिर किसी विशेष मौके पर जेल रेडियो के रूम में गूंजती आवाज ।
इसमें बंदियों की भागीदारी अपना विशेष महत्व रखती है।
लेकिन आज बात गांधी जयंती की
जेल के पास आवश्यक संसाधन भी अपने पूरे नहीं होते बावजूद इसके भी बंदियों ने जेल के सीमित संसाधनों के बीच जेल रेडियो के इसी कमरे से महात्मा गांधी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की ।
एक टीम ने मिलकर एक बहुत ही अच्छा और सुंदर संगीत के जरिए एक विशेष मिसाल पेश की ।
इस टीम के सभी बंदियों को मेरी शुभकामनाएं और आभार।
पहला नाम
मास्टर कुलमीत सिंह आपकी जेल में शिक्षा और जेल रेडियो में आपकी रेडियो जॉकी की भूमिका वास्तव में कमाल की । आपका जेल में एक लंबा अरसा हमे सोचने पर मजबूर करता है कि कोई इतने समय तक चारदीवारी में रहते हुए भी खुशी के साथ अपना जीवन जी सकता है ।
जेल में सृजनात्मकता के लिए आपके विशेष योगदान के लिए आपका हृदय से स्वागत और आपको बधाई ।
आज आप जहां भी हों खुश हों ऐसी मेरी कामना है।
दूसरा नाम ढोलक वादक संजय आपका इस संगीत में एक अनूठा और महत्वपूर्ण योगदान अविस्मरणीय है ।
आप ऐसे ही अपने इस कार्य के जरिए अपने जेल के समय को व्यतीत करोगे ऐसी मेरी कामना है ।
आज आप जहां भी हो मेरी संवेदनाएं आपके साथ ।
तीसरा नाम
मटका वादक नीरज।
आपने देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को जो श्रद्धांजलि अर्पित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई वह अद्वितीय है ।
मेरी इसी कामना और आभार है आपका की आप ऐसे ही अपने जेल के समय को जेल के सृजनात्मक कार्य में व्यतीत कर अपना जीवन व्यतीत करोगे ।
आज आप जहां भी हों मेरी संवेदनाएं आपके साथ । संगीतकार
चिंटू, मोनू और मास्टर कुलमीत सिंह
आप तीनों की इस संगीत को बेहद ही सुंदर तरीके से अपनी आवाज में पिरोकर एक नए रूप में देश के महान महापुरुष को श्रद्धांजलि अर्पित करना वो भी जेल की चारदीवारी में रहकर अपने आप में एक विशेष उपलब्धि है ।
आप तीनों को विशेष रूप से इस संगीत के लिए और जेल में आपके द्वारा किए गए अलग अलग कार्य के लिए भी आपका हृदय से स्वागत और शुभकामनाएं । आज आप जहां भी हो मेरी संवेदनाएं आपके साथ ।
सातवां नाम ।
किशोरी लाल
आपने जेल में सहयोगिता की जो मिशाल पेश की है वह सराहनीय तो है ही साथ ही एकता की पराकाष्ठा भी है ।
आपने अपनी जो भी ड्यूटी जेल स्टाफ के रूप में तो निभाई ही है साथ ही आपने बन्दियों को जो जेल रेडियो के लिए उत्साह प्रधान किया है वह भी आपका अद्वितीय कार्य है ।
आपकी इस सहयोग की भावना को मेरा नमन ।
आभार सोनीपत जेल के सुप्रिटेंडेंट श्री राजेंद्र सिंह का जिन्होंने जेल में तिनका तिनका फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे सृजनात्मक कार्यों को अपना पूरा सहयोग दिया ।
विशेष आभार डॉ. वर्तिका नंदा मैम का जिनके अथक प्रयासों से यह कार्य संभव हुआ ।
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तिनका तिनका जेल रेडियो का विशेष अंक 47 वाँ देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समर्पित है।
सोनीपत जेल रेडियो का यह कमरा वास्तव में उमंग और उत्साह से भरा स्थान है।
नवरात्रि के समय माता की आरती हो या फिर किसी विशेष मौके पर जेल रेडियो के रूम में गूंजती आवाज ।
इसमें बंदियों की भागीदारी अपना
विशेष महत्व रखती है।
लेकिन आज बात गांधी जयंती की
जेल के पास आवश्यक संसाधन भी अपने पूरे नहीं होते
बावजूद इसके भी बंदियों ने जेल के सीमित संसाधनों के बीच जेल रेडियो के इसी कमरे से महात्मा गांधी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की ।
एक टीम ने मिलकर एक बहुत ही अच्छा और सुंदर संगीत के जरिए एक विशेष मिसाल पेश की ।
इस टीम के सभी बंदियों को मेरी शुभकामनाएं और आभार।
पहला नाम
मास्टर कुलमीत सिंह आपकी जेल में शिक्षा और जेल रेडियो में आपकी रेडियो जॉकी की भूमिका वास्तव में कमाल की ।
आपका जेल में एक लंबा अरसा हमे सोचने पर मजबूर करता है कि कोई इतने समय तक चारदीवारी में रहते हुए भी खुशी के साथ अपना जीवन जी सकता है ।
जेल में सृजनात्मकता के लिए आपके विशेष योगदान के लिए आपका हृदय से स्वागत और आपको बधाई ।
आज आप जहां भी हों खुश हों ऐसी मेरी कामना है।
दूसरा नाम
ढोलक वादक संजय आपका इस संगीत में एक अनूठा और महत्वपूर्ण योगदान अविस्मरणीय है ।
आप ऐसे ही अपने इस कार्य के जरिए अपने जेल के समय को व्यतीत करोगे
ऐसी मेरी कामना है ।
आज आप जहां भी हो मेरी संवेदनाएं आपके साथ ।
तीसरा नाम
मटका वादक नीरज।
आपने देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को जो श्रद्धांजलि अर्पित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई वह अद्वितीय है ।
मेरी इसी कामना और आभार है आपका
की आप ऐसे ही अपने जेल के समय को जेल के सृजनात्मक कार्य में व्यतीत कर अपना जीवन व्यतीत करोगे ।
आज आप जहां भी हों मेरी संवेदनाएं आपके साथ ।
संगीतकार
चिंटू, मोनू और मास्टर कुलमीत सिंह
आप तीनों की इस संगीत को बेहद ही सुंदर तरीके से अपनी आवाज में पिरोकर एक नए रूप में देश के महान महापुरुष को श्रद्धांजलि अर्पित करना वो भी जेल की चारदीवारी में रहकर अपने आप में एक विशेष उपलब्धि है ।
आप तीनों को विशेष रूप से इस संगीत के लिए और जेल में आपके द्वारा किए गए अलग अलग कार्य के लिए भी आपका हृदय से स्वागत और शुभकामनाएं ।
आज आप जहां भी हो मेरी संवेदनाएं आपके साथ ।
सातवां नाम ।
किशोरी लाल
आपने जेल में सहयोगिता की जो मिशाल पेश की है वह सराहनीय तो है ही साथ ही एकता की पराकाष्ठा भी है ।
आपने अपनी जो भी ड्यूटी जेल स्टाफ के रूप में तो निभाई ही है साथ ही आपने बन्दियों को जो जेल रेडियो के लिए उत्साह प्रधान किया है वह भी आपका अद्वितीय कार्य है ।
आपकी इस सहयोग की भावना को मेरा नमन ।
आभार
सोनीपत जेल के सुप्रिटेंडेंट श्री राजेंद्र सिंह का जिन्होंने जेल में तिनका तिनका फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे सृजनात्मक कार्यों को अपना पूरा सहयोग दिया ।
विशेष आभार
डॉ. वर्तिका नंदा मैम का जिनके अथक प्रयासों से यह कार्य संभव हुआ ।
तिनका तिनका जेल रेडियो का विशेष अंक 47 वाँ देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समर्पित है।
सोनीपत जेल रेडियो का यह कमरा वास्तव में उमंग और उत्साह से भरा स्थान है।
नवरात्रि के समय माता की आरती हो या फिर किसी विशेष मौके पर जेल रेडियो के रूम में गूंजती आवाज ।
इसमें बंदियों की भागीदारी अपना
विशेष महत्व रखती है।
लेकिन आज बात गांधी जयंती की
जेल के पास आवश्यक संसाधन भी अपने पूरे नहीं होते
बावजूद इसके भी बंदियों ने जेल के सीमित संसाधनों के बीच जेल रेडियो के इसी कमरे से महात्मा गांधी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की ।
एक टीम ने मिलकर एक बहुत ही अच्छा और सुंदर संगीत के जरिए एक विशेष मिसाल पेश की ।
इस टीम के सभी बंदियों को मेरी शुभकामनाएं और आभार।
पहला नाम
मास्टर कुलमीत सिंह आपकी जेल में शिक्षा और जेल रेडियो में आपकी रेडियो जॉकी की भूमिका वास्तव में कमाल की ।
आपका जेल में एक लंबा अरसा हमे सोचने पर मजबूर करता है कि कोई इतने समय तक चारदीवारी में रहते हुए भी खुशी के साथ अपना जीवन जी सकता है ।
जेल में सृजनात्मकता के लिए आपके विशेष योगदान के लिए आपका हृदय से स्वागत और आपको बधाई ।
आज आप जहां भी हों खुश हों ऐसी मेरी कामना है।
दूसरा नाम
ढोलक वादक संजय आपका इस संगीत में एक अनूठा और महत्वपूर्ण योगदान अविस्मरणीय है ।
आप ऐसे ही अपने इस कार्य के जरिए अपने जेल के समय को व्यतीत करोगे
ऐसी मेरी कामना है ।
आज आप जहां भी हो मेरी संवेदनाएं आपके साथ ।
तीसरा नाम
मटका वादक नीरज।
आपने देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को जो श्रद्धांजलि अर्पित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई वह अद्वितीय है ।
मेरी इसी कामना और आभार है आपका
की आप ऐसे ही अपने जेल के समय को जेल के सृजनात्मक कार्य में व्यतीत कर अपना जीवन व्यतीत करोगे ।
आज आप जहां भी हों मेरी संवेदनाएं आपके साथ ।
संगीतकार
चिंटू, मोनू और मास्टर कुलमीत सिंह
आप तीनों की इस संगीत को बेहद ही सुंदर तरीके से अपनी आवाज में पिरोकर एक नए रूप में देश के महान महापुरुष को श्रद्धांजलि अर्पित करना वो भी जेल की चारदीवारी में रहकर अपने आप में एक विशेष उपलब्धि है ।
आप तीनों को विशेष रूप से इस संगीत के लिए और जेल में आपके द्वारा किए गए अलग अलग कार्य के लिए भी आपका हृदय से स्वागत और शुभकामनाएं ।
आज आप जहां भी हो मेरी संवेदनाएं आपके साथ ।
सातवां नाम ।
किशोरी लाल
आपने जेल में सहयोगिता की जो मिशाल पेश की है वह सराहनीय तो है ही साथ ही एकता की पराकाष्ठा भी है ।
आपने अपनी जो भी ड्यूटी जेल स्टाफ के रूप में तो निभाई ही है साथ ही आपने बन्दियों को जो जेल रेडियो के लिए उत्साह प्रधान किया है वह भी आपका अद्वितीय कार्य है ।
आपकी इस सहयोग की भावना को मेरा नमन ।
आभार
सोनीपत जेल के सुप्रिटेंडेंट श्री राजेंद्र सिंह का जिन्होंने जेल में तिनका तिनका फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे सृजनात्मक कार्यों को अपना पूरा सहयोग दिया ।
विशेष आभार
डॉ. वर्तिका नंदा मैम का जिनके अथक प्रयासों से यह कार्य संभव हुआ ।
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