Sep 25, 2026

2026: Tinka Tinka Foundation: The Journey

Tinka Tinka Jail: ज से जेल: वर्तिका नन्दा का उपन्यास

अगस्त, 1993. हरियाणा के शहर अंबाला से नई दिल्ली के लिए शताब्दी ट्रेन चल पड़ी है। स्टेशन धीरे-धीरे पीछे छूटता जा रहा है। चलती हुई ट्रेन की खिड़की से रेलवे का हमारा बड़ा सरकारी बंगला भी दिखा है। रेलवे का वह बंगला जहां हम अब तक रह रहे थे। अब यह बंगला यादों में रहेगा। जिंदगी बदलने जा रही है। जो पीछे छूटा, उसमें कहानी-लेखन भी छूटा। चलती ट्रेन में खुद को जैसे वादा किया था कि अगले दो दशक तक विशुद्ध तौर पर पत्रकारिता करनी है। उसके बाद लिखूंगी उपन्यास।






No comments: