जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला
हमने तो जब कलियाँ माँगी काँटों का हार मिला
1957 में आई थी फिल्म- प्यासा। निर्देशक, प्रोडूयूसर और अभिनेता थे- गुरुदत्त। इस नज्म को लिखा था- मशहूर शायर साहिर लुधियानवी (Sahir Ludhianvi) ने. संगीतकार थे- एस.डी. बर्मन और आवाज़ थी हेमंत कुमार की। यह कहा जाता है कि प्यासा गुरुदत्त की अपनी कहानी थी. गुरुदत्त की जन्मतिथि पर पेश है यह विशेष प्रस्तुति.
Poster: Jagtar Singh Audio Edit: Dr. Suchit Narang

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