हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष -पत्रकारिता के सरोकार:सरोकारों की पत्रकारिता: इस विषय पर इग्नू, क्षेत्रीय केंद्र - जबलपुर ने आज एक सार्थक विमर्श का आयोजन किया. इसका हिस्सा बनना सुखद रहा.
IGNOU तक यह बात भी पहुंचा पाई कि जल्द ही विमोचित होने वाले मेरे पहले उपन्यास- ज से जेल- में इग्नू IGNOU की महत्वपूर्ण चर्चा है. अपने संवाद में मैं यह भी बता पाई कि मध्यप्रदेश की जेलों की छवि उपन्यास में शामिल है.
मैं Amresh Dwivedi और Pramod Joshi जी का व्याख्यान ही सुन पाई पर भरपूर लाभांवित हुई. इस सफल आयोजन के लिए डॉ. विवेक श्रीवास्तव जी बधाई के पात्र हैं.
स्वागत
11:15 - प्रो.(डॉ.) रमेश यादव :
हिन्दी पत्रकारिता : शुरुआत और सरोकार
11:45 - प्रो.(डॉ.) अमरेश द्विवेदी :
दुनिया जहान से हिन्दी संवाद
12:15 - प्रो.(डॉ.) वर्तिका नंदा :
हिन्दी पत्रकारिता में आधी आबादी की जगह
12:45 - श्री प्रमोद जोशी :
संचार की सहजता और नैतिकता के प्रश्न
01:15 - श्री राजीव कुमार शुक्ल : पत्रकारिता का पक्ष : जनपक्ष
01:45 - डॉ. अमित कुमार : डिजिटल दुनिया की हिन्दी
02:15 - श्री पंकज स्वामी : स्थानीयता और विश्वसनीयता के प्रश्न
02:30 - डॉ. सोमासी श्रीनिवास : अध्यक्षीय वक्तव्य
डॉ. विवेक श्रीवास्तव : संचालन

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